भारतीय रियल एस्टेट में 5 सालों में आया $26.6 बिलियन का विदेशी निवेश

भारतीय रियल एस्टेट एक बहुत बड़ा सेक्टर है। पिछले एक दशक के दौरान ये सेक्टर बहुत तेजी से ग्रो हुआ है। जहां पर तेज ग्रोथ देखने को मिलती है वहां पर इन्वेस्टमेंट आना आम बात है। भारत के रियल एस्टेट में पिछले कुछ सालों में बहुत ज्यादा विदेशी इन्वेस्टमेंट आया है इसके पीछे कारण क्या हैं यह आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे।

मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु समेत भारत के लगभग सभी शहरों में Residential real estate और Commercial real estate एक बहुत बड़ा मार्केट है। भारत की बड़ी-बड़ी रियल एस्टेट कंपनियां हर साल हजारों करोड़ का रेवेन्यू बनाती हैं। भारत में रियल एस्टेट की ग्रोथ रेट काफी अच्छी है इसलिए दुनिया भर के इन्वेस्टर्स भारत की रियल एस्टेट कंपनियों में निवेश करना पसंद करते हैं।

भारत के रियल एस्टेट में विदेशी निवेश क्यों बढ़ रहा है?

एक रियल एस्टेट फर्म Colliers द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट से पता चला है कि 2017 से लेकर 2022 के बीच भारतीय रियल एस्टेट में $26.6 billion का विदेशी संस्थागत निवेश आया है। यह निवेश 2011 से 2016 के बीच आए विदेशी संस्थागत निवेश के मुकाबले ज्यादा है। इस निवेश के बढ़ने के पीछे कई सारे कारण हैं जिनमें से एक प्रमुख कारण है पिछले कई सालों में हुए नीतिगत सुधार। भारत के रियल एस्टेट में बिजनेस को आसान बनाने के लिए कई सारी नीतियों में सुधार किए गए हैं जिनसे रियल एस्टेट कंपनियों को बहुत फायदा मिला है।

भारत में रियल एस्टेट समेत सभी सेक्टर्स में Ease of doing business बढ़ा है। जसके कारण कंपनियों के लिए काम करना आसान हुआ है और उनको अच्छी ग्रोथ मिल पा रही है। अच्छी ग्रोथ का ही नतीजा है कि विदेशी इन्वेस्टर्स भारतीय रियल एस्टेट कंपनियों तथा भारत के अन्य सेक्टर में भी निवेश कर रहे हैं।

कितनी बड़ी है भारत की रियल एस्टेट इंडस्ट्री

2023 में भारत की रियल एस्टेट इंडस्ट्री की मार्केट साइज लगभग 265 बिलियन डॉलर्स है‌। कई Reports के मुताबिक 2028 तक इस industry का मार्केट साइज 800 बिलियन डॉलर्स से भी ज्यादा हो जाएगा। मुंबई बेंगलुरु और दिल्ली NCR मैं रियल एस्टेट काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

भारत में फिलहाल 82000 से भी ज्यादा रियल एस्टेट कंपनियां हैं जो भारत के कई शहरों में कम कर रही हैं।

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